कागज़ात और व्यावहारिक मार्गदर्शन
दिल्ली में अंतिम संस्कार के लिए ज़रूरी कागज़
घाट पर क्या ले जाएँ, अस्वाभाविक मृत्यु में क्या बदलता है, और बाद में कौन सी पर्ची संभालकर रखनी है।
- सरकारी प्रक्रिया
- कुछ ही मिनटों में पढ़ें
एक चीज़ कम, जो अकेले समझनी पड़े।
संक्षेप में
दिल्ली के श्मशान घाट पर मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र माँगा जाता है - अस्पताल से फ़ॉर्म 4, या घर पर मृत्यु होने पर डॉक्टर का फ़ॉर्म 4A - और मृतक का फ़ोटो पहचान पत्र, आमतौर पर आधार। अपना पहचान पत्र भी साथ रखें। अस्वाभाविक मृत्यु में पोस्टमार्टम के बाद मिलने वाला पुलिस NOC भी ज़रूरी है। संस्कार के बाद घाट एक रसीद (पर्ची) देता है - इसे संभालकर रखें, 21 दिन के भीतर मृत्यु पंजीकरण में यह काम आती है।
श्मशान घाट का काउंटर - दिल्ली के ज़्यादातर घाटों पर MCD
संस्कार के दिन घाट पर साथ ले जाएँ
कागज़ मुफ़्त हैं; घाट का अपना शुल्क उसके काउंटर पर जमा होता है
यहाँ से शुरू करें
क्या करना है,
क्रम से।
सूची में क्रम से आगे बढ़ें। हर कदम बस यह मानकर चलता है कि उससे ऊपर वाला पूरा हो चुका है।
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मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र लें
अस्पताल में मृत्यु होने पर अस्पताल फ़ॉर्म 4 (MCCD) देता है। घर पर मृत्यु होने पर इलाज कर रहे डॉक्टर फ़ॉर्म 4A देते हैं। घाट यही कागज़ देखता है - अंतिम मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं, जो पंजीकरण के बाद बनता है।
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मृतक का और अपना पहचान पत्र
काउंटर मृतक का फ़ोटो पहचान पत्र, आमतौर पर आधार, और संस्कार करवा रहे परिजन का पहचान पत्र माँगता है। आधार न मिले तो कोई भी सरकारी फ़ोटो पहचान पत्र ले जाएँ और काउंटर से पूछ लें।
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अस्वाभाविक मृत्यु में पहले पुलिस NOC
दुर्घटना, आत्महत्या, ज़हर या किसी अस्पष्ट मृत्यु में पुलिस जाँच और आमतौर पर पोस्टमार्टम होता है। पुलिस NOC के बिना दिल्ली का कोई घाट शव स्वीकार नहीं करता, इसलिए संस्कार बुक करने से पहले इसे ले लें।
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दाह संस्कार की रसीद संभालें
संस्कार के बाद घाट एक रसीद देता है, जिसे पर्ची भी कहते हैं। मूल और एक फ़ोटोकॉपी रखें - मृत्यु पंजीकरण में यह सहायक कागज़ के रूप में चलती है।
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21 दिन के भीतर पंजीकरण
21 दिन के भीतर पंजीकरण मुफ़्त है। अस्पताल में मृत्यु होने पर अस्पताल आमतौर पर खुद कर देता है; घर पर मृत्यु होने पर परिवार उस MCD ज़ोनल कार्यालय में आवेदन करता है जिसके क्षेत्र में मृत्यु हुई।
घर से निकलने से पहले
साथ क्या
ले जाएँ।
ये सब एक बार जुटा लें, फिर इनके लिए वापस नहीं लौटना पड़ेगा।
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मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र - फ़ॉर्म 4 (अस्पताल) या फ़ॉर्म 4A (घर)
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अस्पताल का मृत्यु सारांश, अस्पताल में मृत्यु होने पर
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मृतक का फ़ोटो पहचान पत्र - आमतौर पर आधार
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संस्कार करवा रहे परिजन का फ़ोटो पहचान पत्र
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अस्वाभाविक मृत्यु में पुलिस NOC और पोस्टमार्टम के कागज़
थोड़ी स्पष्टता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुछ और पूछना हो तो किसी भी समय कॉल करें - हर वक़्त कोई न कोई मौजूद है।
क्या अंतिम संस्कार से पहले मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए?
दाह संस्कार की पर्ची क्या होती है?
मृतक का आधार न मिले तो?
आगे क्या पढ़ें
संबंधित जानकारी।
इसके आसपास परिवारों को आमतौर पर जिन चरणों की ज़रूरत पड़ती है।
अगर यह सब खुद नहीं करना चाहते
कागज़ी कार्रवाई हम सँभाल लेंगे।
यह हमारी हर व्यवस्था का हिस्सा है - पंजीकरण, प्रमाण पत्र और लाइनों में लगना। आपके मामले में क्या करना होगा, हमसे पूछ लीजिए।