कागज़ात और व्यावहारिक मार्गदर्शन
शव लेपन (एम्बामिंग), दिल्ली
अगर एयरलाइन या किसी विभाग ने शव लेपन माँगा है, तो बताइए कि उन्हें कौन से कागज़ चाहिए। फिर जगह और आगे की यात्रा साथ में तय करते हैं।
- सरकारी प्रक्रिया
- कुछ ही मिनटों में पढ़ें
एक चीज़ कम, जो अकेले समझनी पड़े।
संक्षेप में
शव लेपन (एम्बामिंग) आमतौर पर तब करवाया जाता है जब शव को हवाई जहाज़ से या लंबी दूरी पर भेजना हो और एयरलाइन या कोई विभाग इसकी माँग करे। व्यवस्था से पहले हम यह पता करते हैं कि यह क्यों माँगा गया है, कहाँ हो सकता है, और कौन सा प्रमाण पत्र चाहिए।
यहाँ से शुरू करें
क्या करना है,
क्रम से।
सूची में क्रम से आगे बढ़ें। हर कदम बस यह मानकर चलता है कि उससे ऊपर वाला पूरा हो चुका है।
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किसने और क्यों माँगा है
हम पूछते हैं कि शव लेपन क्यों माँगा जा रहा है, और देखते हैं कि यह कहाँ करवाया जा सकता है।
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प्रमाण पत्र की शर्तें जाँचें
एयरलाइन या लेने वाले विभाग से यह पक्का कर लेते हैं कि कौन सा प्रमाण पत्र चाहिए, फिर व्यवस्था करते हैं।
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आगे की यात्रा के साथ तालमेल
अगर बाद में सड़क या हवाई यात्रा है, तो उसका समय देखकर शव लेपन का समय तय किया जाता है।
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बुकिंग से पहले पूरी बात
प्रक्रिया, जगह, उपलब्ध समय और कौन से कागज़ शामिल हैं - यह सब बुकिंग से पहले समझा दिया जाता है।
थोड़ी स्पष्टता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुछ और पूछना हो तो किसी भी समय कॉल करें - हर वक़्त कोई न कोई मौजूद है।
क्या शव लेपन हमेशा ज़रूरी है?
हवाई जहाज़ से भेजना हो तो?
आगे क्या पढ़ें
संबंधित जानकारी।
इसके आसपास परिवारों को आमतौर पर जिन चरणों की ज़रूरत पड़ती है।
अगर यह सब खुद नहीं करना चाहते
कागज़ी कार्रवाई हम सँभाल लेंगे।
यह हमारी हर व्यवस्था का हिस्सा है - पंजीकरण, प्रमाण पत्र और लाइनों में लगना। आपके मामले में क्या करना होगा, हमसे पूछ लीजिए।