कागज़ात और व्यावहारिक मार्गदर्शन

हवाई जहाज़ से शव भेजना, दिल्ली

यह सेवा एयर कार्गो से पार्थिव शरीर भेजने की है। गंतव्य हवाई अड्डा और एयरलाइन के निर्देश बताइए, फिर कागज़ और लेने की व्यवस्था पर बात करते हैं।

  • सरकारी प्रक्रिया
  • कुछ ही मिनटों में पढ़ें
काम आने लायक जानकारी
कागज़ी कार्रवाई, क्रम से

एक चीज़ कम, जो अकेले समझनी पड़े।

संक्षेप में

हवाई जहाज़ से शव एयर कार्गो के ज़रिए भेजा जाता है, और हर एयरलाइन की अपनी शर्तें होती हैं। इसलिए योजना से पहले हम गंतव्य हवाई अड्डे के लिए एयरलाइन की स्वीकृति प्रक्रिया और ज़रूरी कागज़ पता करते हैं। एयरलाइन माँगे तो शव लेपन और ताबूत का प्रमाण पत्र भी करवाया जाता है।

यहाँ से शुरू करें

क्या करना है,
क्रम से।

सूची में क्रम से आगे बढ़ें। हर कदम बस यह मानकर चलता है कि उससे ऊपर वाला पूरा हो चुका है।

  1. एयरलाइन की स्वीकृति

    गंतव्य हवाई अड्डे के लिए एयरलाइन की कार्गो स्वीकृति प्रक्रिया पहले पता की जाती है, फिर यात्रा की योजना बनती है।

  2. कागज़ एयरलाइन से पक्के

    हवाई अड्डे ले जाने से पहले ज़रूरी कागज़ चुनी गई एयरलाइन से पक्के कर लिए जाते हैं।

  3. शव लेपन और ताबूत

    अगर एयरलाइन माँगे, तो शव लेपन और ताबूत का प्रमाण पत्र करवाया जाता है।

  4. लेने से सौंपने तक

    योजना में घर या अस्पताल से लेना, हवाई अड्डे पर सौंपना, और गंतव्य पर कौन प्राप्त करेगा - सब शामिल है।

थोड़ी स्पष्टता

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुछ और पूछना हो तो किसी भी समय कॉल करें - हर वक़्त कोई न कोई मौजूद है।

क्या शव लेपन ज़रूरी है?
यह एयरलाइन और गंतव्य की शर्तों पर निर्भर करता है। ज़्यादातर हवाई यात्रा में इसकी माँग होती है - हम पहले एयरलाइन से पता कर लेते हैं।
गंतव्य पर कौन लेगा?
परिवार का कोई सदस्य या वहाँ का कोई प्रतिनिधि। उनका नाम और नंबर योजना में पहले ही शामिल कर लिया जाता है।

आगे क्या पढ़ें

इसके आसपास परिवारों को आमतौर पर जिन चरणों की ज़रूरत पड़ती है।

अगर यह सब खुद नहीं करना चाहते

कागज़ी कार्रवाई हम सँभाल लेंगे।

यह हमारी हर व्यवस्था का हिस्सा है - पंजीकरण, प्रमाण पत्र और लाइनों में लगना। आपके मामले में क्या करना होगा, हमसे पूछ लीजिए।