कागज़ात और व्यावहारिक मार्गदर्शन

अंतिम संस्कार सामग्री लिस्ट

कौन सी सामग्री किस लिए होती है, कौन सी विधि के अनुसार बदलती है, और घर में जो पहले से है उसे सूची से कैसे हटाएँ।

  • सरकारी प्रक्रिया
  • कुछ ही मिनटों में पढ़ें
काम आने लायक जानकारी
कागज़ी कार्रवाई, क्रम से

एक चीज़ कम, जो अकेले समझनी पड़े।

संक्षेप में

अंतिम संस्कार की सामग्री की सूची इस पर निर्भर करती है कि दाह संस्कार लकड़ी से हो रहा है या विद्युत या सीएनजी से, और परिवार कौन सी रीतियाँ करता है। घी, तिल, चावल और कपड़ा जैसी बहुत सी वस्तुएँ घर पर पहले से होती हैं - सूची बनाते समय उन्हें अलग कर लेने से दोहराव नहीं होता।

आमतौर पर क्या चाहिए

अंतिम संस्कार सामग्री लिस्ट

यह वह सूची है जो उत्तर भारत के हिंदू परिवारों में आमतौर पर इस्तेमाल होती है। हर परिवार और परंपरा में थोड़ा अंतर होता है, इसलिए अंतिम सूची अपने पंडित जी से एक बार मिला लें। जो चीज़ें घर में पहले से हैं, उन्हें सूची से हटा दें।

पार्थिव शरीर की तैयारी के लिए

  • कफ़न (सफ़ेद सूती कपड़ा) और ओढ़ाने की चादर
  • गंगाजल
  • तुलसी के पत्ते
  • चंदन और रोली
  • फूल और फूलों की माला
  • बाँस की अर्थी और बाँधने के लिए सुतली
  • जनेऊ - जिन परिवारों में यह परंपरा है

दाह संस्कार (चिता) के लिए

  • घी
  • कपूर
  • हवन सामग्री, धूप और अगरबत्ती
  • राल
  • काले तिल, जौ और अक्षत (साबुत चावल)
  • चंदन की लकड़ी के छोटे टुकड़े
  • नारियल
  • पानी के लिए मिट्टी का मटका
  • लकड़ी - सिर्फ़ लकड़ी से संस्कार में; आमतौर पर घाट पर ही वज़न से खरीदी जाती है

पूजा और पिंड के लिए

  • मौली (कलावा)
  • सुपारी और इलायची
  • जौ का आटा - पिंड के लिए
  • शहद और दही
  • कुश
  • दीया और रुई की बत्ती

बिजली या सीएनजी से संस्कार में लकड़ी की ज़रूरत नहीं होती, और घाट पर हवन सामग्री व घी की मात्रा भी सीमित रखनी पड़ती है। हर घाट के अपने नियम हैं - जाने से पहले पूछ लें। जो सामान घर में नहीं है, वह हम ला सकते हैं; सूची कॉल पर मिलाकर ही तैयार की जाती है, ताकि कुछ दोबारा न आए और कुछ छूटे भी नहीं।

यहाँ से शुरू करें

क्या करना है,
क्रम से।

सूची में क्रम से आगे बढ़ें। हर कदम बस यह मानकर चलता है कि उससे ऊपर वाला पूरा हो चुका है।

  1. पहले विधि तय करें

    सामग्री की सूची इस पर निर्भर करती है कि दाह संस्कार लकड़ी से हो रहा है या विद्युत/सीएनजी से, और परिवार कौन सी रीतियाँ करा रहा है।

  2. घर में उपलब्ध वस्तुएँ अलग कर लें

    घी, तिल, चावल, कपड़ा - इनमें से बहुत कुछ घर पर पहले से होता है। सूची बनाते समय इन्हें हटा देने से दोहराव नहीं होता।

  3. पंडित से पुष्टि करा लें

    हर परंपरा में थोड़ा अंतर होता है। जो पंडित संस्कार करा रहे हैं, उनसे सूची एक बार मिला लेना सबसे भरोसेमंद तरीका है।

  4. पहुँचाने का समय तय करें

    सामग्री घाट पर चाहिए या घर पर, और किस समय - यह पहले तय कर लेने से मौके पर भागदौड़ नहीं होती।

थोड़ी स्पष्टता

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुछ और पूछना हो तो किसी भी समय कॉल करें - हर वक़्त कोई न कोई मौजूद है।

अंतिम संस्कार में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?
आमतौर पर कफ़न, गंगाजल, तुलसी, चंदन, फूल माला, घी, कपूर, हवन सामग्री, काले तिल, जौ, नारियल, मौली और मिट्टी का मटका। पूरी सूची इसी पेज पर नीचे है। लकड़ी सिर्फ़ लकड़ी वाले संस्कार में लगती है और घाट पर खरीदी जाती है।
क्या पूरी सूची लेना ज़रूरी है?
नहीं। परिवार केवल वही वस्तुएँ मँगा सकता है जो उसके पास नहीं हैं। बाकी घर से ली जा सकती हैं।
सामग्री और पंडित एक साथ आते हैं?
दोनों अलग-अलग व्यवस्थाएँ हैं और परिवार चाहे तो किसी एक की ही व्यवस्था करा सकता है।
क्या सामग्री घाट पर भी मिल जाती है?
कई घाटों के आसपास दुकानें होती हैं, पर वहाँ की उपलब्धता और समय निश्चित नहीं रहता। पहले से तय कर लेना अधिक सुरक्षित है।

आगे क्या पढ़ें

इसके आसपास परिवारों को आमतौर पर जिन चरणों की ज़रूरत पड़ती है।

अगर यह सब खुद नहीं करना चाहते

कागज़ी कार्रवाई हम सँभाल लेंगे।

यह हमारी हर व्यवस्था का हिस्सा है - पंजीकरण, प्रमाण पत्र और लाइनों में लगना। आपके मामले में क्या करना होगा, हमसे पूछ लीजिए।