कागज़ात और व्यावहारिक मार्गदर्शन

दिल्ली में मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं

मृत्यु को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया, वह समय सीमा जो तय करती है कि यह निःशुल्क होगा या नहीं, और हर चरण पर क्या साथ ले जाना है।

  • सरकारी प्रक्रिया
  • कुछ ही मिनटों में पढ़ें
काम आने लायक जानकारी
कागज़ी कार्रवाई, क्रम से

एक चीज़ कम, जो अकेले समझनी पड़े।

संक्षेप में

दिल्ली में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन उस ज़ोनल कार्यालय में होता है जिसके क्षेत्र में मृत्यु हुई है - दिल्ली का अधिकांश हिस्सा MCD के अंतर्गत आता है। अस्पताल में मृत्यु होने पर वहाँ का मृत्यु सारांश और MCCD फ़ॉर्म आधार बनते हैं; घर पर स्वाभाविक मृत्यु में डॉक्टर का प्रमाण पत्र।

यह कौन करता है

नगर निगम (MCD), या अपने क्षेत्र के अनुसार NDMC / दिल्ली छावनी बोर्ड

समय सीमा

मृत्यु के 21 दिनों के भीतर

सरकारी शुल्क

21 दिनों के भीतर कोई शुल्क नहीं; उसके बाद विलंब शुल्क, और एक वर्ष बाद मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता

यहाँ से शुरू करें

क्या करना है,
क्रम से।

सूची में क्रम से आगे बढ़ें। हर कदम बस यह मानकर चलता है कि उससे ऊपर वाला पूरा हो चुका है।

  1. पहले यह तय करें कि आपका रजिस्ट्रार कौन है

    दिल्ली का अधिकांश हिस्सा MCD के अंतर्गत आता है, और आवेदन उस ज़ोनल कार्यालय में होता है जिसके क्षेत्र में मृत्यु हुई है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी बोर्ड के अपने अलग रजिस्ट्रार हैं। यह इस बात से तय होता है कि मृत्यु कहाँ हुई, न कि परिवार कहाँ रहता है।

  2. मृत्यु का प्रमाण इकट्ठा करें

    अस्पताल में मृत्यु होने पर वहाँ से मिलने वाला मृत्यु सारांश और MCCD फ़ॉर्म आधार बनता है। घर पर स्वाभाविक मृत्यु होने पर इलाज कर रहे डॉक्टर का प्रमाण पत्र चाहिए। अस्वाभाविक मृत्यु में पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले पूरी होती है।

  3. 21 दिनों के भीतर आवेदन करें

    इस अवधि के भीतर पंजीकरण निःशुल्क है। इसके बाद विलंब शुल्क लगता है, और यदि एक वर्ष बीत जाए तो प्रमाण पत्र केवल कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश से बनता है। यही एक तारीख है जिसे टालना महँगा पड़ता है।

  4. ऑनलाइन या ज़ोनल कार्यालय में जमा करें

    MCD का ई-सेवा पोर्टल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करता है; NDMC क्षेत्र का अपना पोर्टल है। कागज़ अधूरे हों तो ज़ोनल कार्यालय जाना अधिक तेज़ रहता है, क्योंकि वहीं पूछकर कमी ठीक की जा सकती है।

  5. प्रतियाँ लें, और नाम की वर्तनी जाँचें

    बैंक, बीमा, पेंशन, संपत्ति और म्यूटेशन - हर जगह अलग प्रति माँगी जाती है, इसलिए शुरू में ही कई प्रतियाँ लें। जारी होते ही नाम, तारीख और पते की वर्तनी मिलाएँ; बाद में सुधार कराना उससे कहीं अधिक समय लेता है।

घर से निकलने से पहले

साथ क्या
ले जाएँ।

ये सब एक बार जुटा लें, फिर इनके लिए वापस नहीं लौटना पड़ेगा।

थोड़ी स्पष्टता

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुछ और पूछना हो तो किसी भी समय कॉल करें - हर वक़्त कोई न कोई मौजूद है।

क्या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना अनिवार्य है?
हाँ। जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के अंतर्गत हर मृत्यु का पंजीकरण आवश्यक है। इसके बिना बैंक खाता, बीमा दावा, पेंशन, संपत्ति का हस्तांतरण और म्यूटेशन - कुछ भी आगे नहीं बढ़ता।
21 दिन निकल गए तो क्या होगा?
प्रमाण पत्र तब भी बनता है, पर विलंब शुल्क के साथ। एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होती है, जिसमें अतिरिक्त समय लगता है।
प्रमाण पत्र में नाम गलत छप गया है, क्या करें?
उसी ज़ोनल कार्यालय में सुधार के लिए आवेदन करना होता है, और सही वर्तनी वाला मूल दस्तावेज़ प्रमाण के रूप में लगाना होता है। इसीलिए प्रमाण पत्र मिलते ही वर्तनी जाँच लेना सबसे अच्छा है।
कितनी प्रतियाँ लेनी चाहिए?
जितनी संस्थाओं से काम पड़ेगा उससे कुछ अधिक। बैंक, बीमा, पेंशन और संपत्ति के काम में अलग-अलग प्रति लगती है और अधिकतर उसे लौटाते नहीं।
दिल्ली में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कौन से कागज़ चाहिए?
मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र (अस्पताल से फ़ॉर्म 4 या इलाज कर रहे डॉक्टर से फ़ॉर्म 4A), मृतक का फ़ोटो पहचान पत्र, और आवेदक का पहचान व पते का प्रमाण। दाह संस्कार की रसीद सहायक कागज़ के रूप में मानी जाती है।
दिल्ली में मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड कैसे करें?
पंजीकरण हो जाने के बाद MCD पोर्टल (mcdonline.nic.in) से पंजीकरण या आवेदन संख्या डालकर प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है। NDMC क्षेत्र की मृत्यु के लिए NDMC का अलग पोर्टल है।
आवेदन की स्थिति (स्टेटस) कैसे देखें?
MCD पोर्टल पर Application Status खोलें और आवेदन संख्या डालें। पुराने उत्तर, दक्षिण और पूर्वी निगम के पोर्टल अब बंद हैं - एक ही MCD पोर्टल इस्तेमाल करें।

आगे क्या पढ़ें

इसके आसपास परिवारों को आमतौर पर जिन चरणों की ज़रूरत पड़ती है।

अगर यह सब खुद नहीं करना चाहते

कागज़ी कार्रवाई हम सँभाल लेंगे।

यह हमारी हर व्यवस्था का हिस्सा है - पंजीकरण, प्रमाण पत्र और लाइनों में लगना। आपके मामले में क्या करना होगा, हमसे पूछ लीजिए।