कागज़ात और व्यावहारिक मार्गदर्शन

शव ले जाने के लिए ज़रूरी कागज़ और NOC

दिल्ली से दूसरे शहर या राज्य सड़क या हवाई जहाज़ से शव ले जाते समय क्या साथ रखें, और पुलिस NOC कब चाहिए।

  • सरकारी प्रक्रिया
  • कुछ ही मिनटों में पढ़ें
काम आने लायक जानकारी
कागज़ी कार्रवाई, क्रम से

एक चीज़ कम, जो अकेले समझनी पड़े।

संक्षेप में

स्वाभाविक मृत्यु के बाद दिल्ली से दूसरे राज्य शव ले जाने के लिए मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र (फ़ॉर्म 4 या 4A), अस्पताल का मृत्यु सारांश (अगर हो), और मृतक व साथ जा रहे परिजन का फ़ोटो पहचान पत्र रखें। अस्वाभाविक मृत्यु में पुलिस जाँच या FIR की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस NOC भी चाहिए। शव का लेपन हुआ हो - हवाई यात्रा में यह ज़रूरी है - तो लेपन प्रमाण पत्र रखें। नियम राज्य और एयरलाइन के हिसाब से बदलते हैं, इसलिए निकलने से पहले पता कर लें।

यह कौन करता है

अस्पताल, पुलिस (अस्वाभाविक मृत्यु में) और एयरलाइन

समय सीमा

गाड़ी निकलने से पहले सब कागज़ ले लें

सरकारी शुल्क

प्रमाण पत्र मुफ़्त हैं; लेपन और गाड़ी का खर्च अलग है

यहाँ से शुरू करें

क्या करना है,
क्रम से।

सूची में क्रम से आगे बढ़ें। हर कदम बस यह मानकर चलता है कि उससे ऊपर वाला पूरा हो चुका है।

  1. मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र

    अस्पताल से फ़ॉर्म 4, या घर पर मृत्यु होने पर डॉक्टर से फ़ॉर्म 4A। मूल के साथ कई फ़ोटोकॉपी रखें - रास्ते में जाँच, लेने वाला अस्पताल और गंतव्य का घाट, सब माँग सकते हैं।

  2. मृतक और एक परिजन का पहचान पत्र

    आमतौर पर आधार। शव के साथ जा रहे परिजन अपना पहचान पत्र भी रखें।

  3. अस्वाभाविक मृत्यु में पुलिस के कागज़

    पुलिस जाँच (इनक्वेस्ट) या FIR की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस NOC। NOC के बिना शव ले जाने के लिए नहीं दिया जाता।

  4. हवाई यात्रा के लिए लेपन के कागज़

    एयरलाइन लेपन प्रमाण पत्र और सील बंद ताबूत का प्रमाण पत्र माँगती है। बुकिंग से पहले हम चुनी गई एयरलाइन की सूची मिला लेते हैं।

  5. पंजीकरण वहीं, जहाँ मृत्यु हुई

    संस्कार दूसरे राज्य में हो, तब भी मृत्यु का पंजीकरण दिल्ली में - जहाँ मृत्यु हुई - 21 दिन के भीतर होता है। गंतव्य के घाट की रसीद इसके लिए संभालकर रखें।

घर से निकलने से पहले

साथ क्या
ले जाएँ।

ये सब एक बार जुटा लें, फिर इनके लिए वापस नहीं लौटना पड़ेगा।

थोड़ी स्पष्टता

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुछ और पूछना हो तो किसी भी समय कॉल करें - हर वक़्त कोई न कोई मौजूद है।

क्या शव ले जाने के लिए पुलिस NOC ज़रूरी है?
अस्वाभाविक या मेडिको-लीगल मृत्यु में हाँ - शव उसी के साथ मिलता है। डॉक्टर द्वारा प्रमाणित स्वाभाविक मृत्यु में आमतौर पर नहीं चाहिए, पर कुछ राज्य या एयरलाइन माँगते हैं; निकलने से पहले पता कर लें।
क्या शव ले जाने से पहले मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए?
नहीं। शव के साथ मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र (फ़ॉर्म 4 या 4A) जाता है। मृत्यु प्रमाण पत्र बाद में, दिल्ली में पंजीकरण के बाद बनता है।
संस्कार दूसरे राज्य में हो तो पंजीकरण कहाँ होगा?
जहाँ मृत्यु हुई - यानी दिल्ली में - 21 दिन के भीतर। यह मृत्यु की जगह से तय होता है, न कि परिवार कहाँ रहता है या संस्कार कहाँ हुआ।

आगे क्या पढ़ें

इसके आसपास परिवारों को आमतौर पर जिन चरणों की ज़रूरत पड़ती है।

अगर यह सब खुद नहीं करना चाहते

कागज़ी कार्रवाई हम सँभाल लेंगे।

यह हमारी हर व्यवस्था का हिस्सा है - पंजीकरण, प्रमाण पत्र और लाइनों में लगना। आपके मामले में क्या करना होगा, हमसे पूछ लीजिए।